तहसील कार्यालय पर हुई विभाग सहित बीमा कंपनी की बैठक
पल्लू। पल्लू तहसील क्षेत्र में फसल बीमा क्लेम की समस्याओं को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को पूर्व जिला परिषद सदस्य गौरीशंकर थोरी के नेतृत्व में तहसील कार्यालय में किसानों और बीमा कंपनी के जिला प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित हुई। इस दौरान किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर लंबित फसल बीमा क्लेम और फसल खराबे के मामलों का जल्द समाधान करवाने की मांग की।
मूंगफली फसल खराबे के बावजूद नहीं मिला पूरा क्लेम
गौरीशंकर थोरी ने बताया कि पिछली खरीफ सीजन में पल्लू तहसील की कई पंचायतों में मूंगफली की फसल को भारी नुकसान हुआ था। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने केवल पांच पंचायतों के किसानों को ही क्लेम जारी किया, जबकि बाकी किसानों को उनके अधिकार से वंचित रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीफ सीजन में मूंग फसल में भी बड़े स्तर पर नुकसान हुआ, लेकिन बीमा कंपनी ने मूंग का क्लेम शून्य घोषित कर दिया।
रबी फसल में भी किसानों की बढ़ी चिंता
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की रबी फसल में सरसों और गेहूं की फसल में भी खराबा हुआ है, लेकिन बीमा कंपनी की ओर से अब तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। कई पटवार मंडलों में कंपनी की ओर से अलग-अलग आपत्तियां लगाई जा रही हैं, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झैतासर पटवार मंडल के हजारों किसान इससे प्रभावित बताए जा रहे हैं।
2022 से लंबित पड़े हैं कई बीमा क्लेम
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2022 से 2025 तक के कई फसल बीमा क्लेम अब तक लंबित पड़े हैं। वहीं वर्ष 2025-26 में प्रीमियम कटने के बावजूद कई किसानों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि बीमा कंपनी से गंभीरता से वार्ता कर सभी लंबित मामलों का समाधान करवाया जाए।
समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
गौरीशंकर थोरी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पल्लू तहसील क्षेत्र के हजारों किसान अपने हक की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरेंगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और बीमा कंपनी की होगी।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में पल्लू सरपंच प्रतिनिधि देवकीनंदन जोशी, सरपंच संदीप चांवरिया, पूर्व सरपंच राजेंद्र चबरवाल, छात्र नेता विकास बिजारणियां, सरपंच प्रतिनिधि पतराम अठवाल, मुरारी जोशी, प्रहलाद थोरी, देवकरण शर्मा, बनवारी बिजारणिया, श्योराम मटोरिया, रूप कड़वासरा, सहीराम ढाका, अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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