फरीदाबाद, 10 नवंबर 2025
इलाज के नाम पर मौत का धंधा! कश्मीर का डॉक्टर फरीदाबाद में बैठकर ऐसा धमाका प्लान कर रहा था जिससे पूरा NCR हिल जाता। पुलिस ने जब छापा मारा तो अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए कमरे-कमरे में विस्फोटक, टाइमर, वायर और AK-47 की पूरी खेप मिली।

इलाज नहीं, तबाही की तैयारी
जम्मू-कश्मीर का रहने वाला डॉक्टर आदिल अहमद राथर, जो खुद को समाजसेवी बताता था, फरीदाबाद के एक किराए के घर से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट छिपाकर रखे हुए था। जांच में उसके साथ एक और डॉक्टर का नाम सामने आया — मुज़म्मिल गनई। दोनों पर शक है कि वे किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं।
ऑपरेशन के वक्त मची अफरातफरी
पुलिस ने देर रात धावा बोला। कमरे से धमाके में इस्तेमाल होने वाले टाइमर, बैटरी-पैक और वायरिंग सर्किट बरामद हुए। एक लॉकर से AK-47 और 200 जिंदा कारतूस निकले। फॉरेंसिक टीम के मुताबिक यह मात्रा इतनी थी कि “अगर फटा होता, तो आधा इलाका तबाह हो जाता।”
डॉक्टर का डबल फेस!
पड़ोसी बताते हैं कि आदिल दिन में मेडिकल कैंप लगाता था, रात को अजीब-सी आवाजें आती थीं। पुलिस को शक है कि उसने इलाज की आड़ में विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चैन बनाई थी।
सूत्रों के अनुसार, दोनों डॉक्टरों ने आतंकियों के लिए मेडिकल कवर का इस्तेमाल किया, एक तरह से “हीलर-टर्न-किलर” गैंग।
एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि इतनी बड़ी खेप दिल्ली की दहलीज़ तक कैसे पहुंची। माना जा रहा है कि इनके संपर्क जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल से थे और आने वाले हफ्तों में राजधानी को टारगेट करने की साजिश थी।
आगे क्या
दोनों डॉक्टरों से पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है — “अगर ये ऑपरेशन वक्त पर नहीं होता, तो शायद देश एक बड़े हादसे से हिल जाता।”
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