नई दिल्ली | सोमवार शाम लगभग 6:52 बजे के करीब लाल किला के पास, लालकिला मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर 1 के सामने) एक कार में धमाका हुआ।
धमाका एक slow-moving कार में हुआ, जो रेड लाइट पर रहीं थी।
इस विस्फोट से आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ और ऑटो-रिक्शा भी विस्फोट व आग का शिकार हो गए।
अग्निशमन विभाग को लगभग 6:55 बजे सूचना मिली और 7:29 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।
जान-माल का नुक़सान
इस तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार कम-से-कम 13 लोग इस हादसे में मारे गए हैं।
वहीं घायल लोगों की संख्या 30 तक बताई गयी है।
धमाके की तीव्रता का अंदाज़ इस बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ियों की खिड़कियाँ टूट गईं और आसपास के लोग उछलने लगे।
जाँच-परख और सुरक्षा इंतजाम
National Investigation Agency (NIA), Delhi Police की स्पेशल सेल सहित फोरेंसिक टीम मौके पर पहुँच चुकी है।
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली समेत अन्य कई राज्यों में हाई-अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के बङे शहरों में भी सुरक्षा एजेंसियो ने हाई अलर्ट कर दिया है, सभी अधिकारीगण को अपने इलाके में मोनिटरिंग के निर्देश दिए गये है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि अभी विस्फोट के प्रकृति और मूल कारण की पुष्टि नहीं हुई है; सभी संभावित कोणों पर जाँच जारी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक इतनी जोर की आवाज़ आयी कि घर की खिड़कियाँ हिल गईं। एक दुकान-मालिक ने कहा,
“मैं तीन बार गिर गया ऐसे झटके से लगा जैसे हम सब मरने वाले हैं।”
यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह एक साधारण वाहन दुर्घटना थी या साजिश के रूप में की गयी आतंक-घटना।
विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री, अनुमानित बाॉम अथवा गड़बड़ी का कारण अभी तक सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मृतकों व घायलों की पूर्ण पहचान, घटनास्थल का CCTV डेटा, आसपास के वाहनों की क्षति-स्तर जैसे विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुए।
यह इलाका दिल्ली के पुराने शहर का प्रमुख भाग है, जहाँ भीड़-भाड़ और सुरक्षा-सेंसिटिव त्यौहार-समय गतिविधियाँ होती हैं। ऐसे इलाके में एक वाहन धमाका स्वाभावतः उच्च सतर्कता का विषय बन जाता है। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि जांच की दिशा इस बात पर है कि क्या वाहन में विस्फोटक था या पेट्रोल/गैस से दुर्घटना हुई।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि राजधानी में हाल-फिलहाल पहले भी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है, इसलिए इस तरह की घटना तुरंत व्यापक जांच का विषय बन जाती है।
जांच के परिणाम आने से पहले निष्कर्ष premature होंगे। लेकिन परीक्षण-विश्लेषण से पता चल सकता है कि यह एक संयोग-दुर्घटना थी या फिर किसी जानबूझकर की गई क्रिया। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की निष्क्रियता बढ़ा दी है। यदि यह हमला साबित हुआ तो राजनैतिक-सामाजिक प्रभाव संभव है। नागरिकों को आग्रह किया गया है कि वे अफवाहों से ℂ P R न करें तथा आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।
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