हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी कस्बे में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में चल रहे लंबे आंदोलन पर मंगलवार सुबह हालात अचानक गर्म हो गए। करीब 15 महीनों से चल रहे धरने को हटाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लगभग एक दर्जन किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। एहतियात के तौर पर कस्बे में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
कार्रवाई के दौरान टिब्बी थाना परिसर, एसडीएम कार्यालय और चक 5 आरके स्थित फैक्ट्री स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिनेश तंवर के नेतृत्व में 400 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद रहे। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों में अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदी लाल मीना, एएसपी जनेश तंवर, संगरिया एसडीएम जय कौशिक, हनुमानगढ़ एसडीएम मांगीलाल सुथार, टिब्बी एसडीएम सत्यनारायण सुथार, रावतसर एसडीएम संजय जिंदल और नायब तहसीलदार सूर्यदेव स्वामी भी तैनात रहे। चूरू, बीकानेर और श्रीगंगानगर से आरएसी और क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी बुलाई गईं।
पुलिस कार्रवाई से किसान नाराज हैं। किसानों ने गुरुद्वारों से मुनादी करवा कर अधिक से अधिक किसानों से स्थल पर एकत्र होने की अपील की है। उनका आरोप है कि 15 महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन ने सुबह-सुबह नेताओं को हिरासत में लिया। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री से क्षेत्र की हवा, मिट्टी और भूमिगत जल पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ेगा।
“फैक्ट्री हटाओ, क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति” के आह्वान पर 12 अगस्त 2022 को टिब्बी एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन के बाद किसान चक 5 आरके में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर चुके हैं। तब से लगातार विरोध जारी है और किसान अब तक दर्जन से अधिक बार एसडीएम कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर चुके हैं।
स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई और किसानों के बढ़ते विरोध के चलते क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं।
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