हनुमानगढ़ | पल्लू
पल्लू तहसील कार्यालय पर सोमवार को खेजड़ी बचाओ आंदोलन के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के समर्थन में आयोजित हुआ, जिसका नेतृत्व पूर्व जिला परिषद सदस्य गौरी शंकर थोरी एवं पल्लू सरपंच देवकीनंदन जोशी ने किया।
मुख्यमंत्री से खेजड़ी कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग
प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार पल्लू को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पूरे राजस्थान में खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही विधानसभा में इस विषय पर सख्त कानून बनाकर उसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
सरकार की अनदेखी पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पूर्व जिला परिषद सदस्य गौरी शंकर थोरी ने कहा कि बीकानेर और रावतसर में पर्यावरण प्रेमी लंबे समय से धरना एवं आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो राजस्थान के गांव-गांव में खेजड़ी बचाओ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पल्लू तहसील के गांव आंदोलन के साथ
गौरी शंकर थोरी ने बताया कि पल्लू तहसील के सभी गांवों के नौजवान, किसान, माताएं-बहनें खेजड़ी बचाने के लिए एकजुट हैं। आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन, तहसील घेराव और सड़क जाम जैसे कदम भी उठाए जाएंगे और आंदोलन से पीछे नहीं हटा जाएगा।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
प्रदर्शन में मंगलाराम बिजारणिया, एडवोकेट अनिल बिरड़ा, रंजीत भोपा, तिलोकचंद, बनारसी देवी, लखविंदर पूनिया, केसरा राम पूनिया, रामनिवास, सरजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
खेजड़ी : संस्कृति और पर्यावरण की जीवनरेखा
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण और जीवनरेखा है। इसे बचाना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने जैसा है।
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