हनुमानगढ़। हिन्दू समाज की एकता, संस्कृति और सनातन मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन पल्लू कस्बे के हाट बाजार परिसर में किया गया। सम्मेलन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिकों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर संत-महापुरुषों एवं विशिष्ट अतिथियों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। आयोजन समिति के अनुसार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभाव को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
संतों का मार्गदर्शन और प्रेरक संबोधन
सम्मेलन में विद्यानंद जी महाराज, स्वामी शंकरानंद जी महाराज (ब्रह्मचारी वर्ग) एवं स्वामी वीरभारती जी महाराज का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। संतों ने अपने संबोधन में सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
मुख्य वक्ता ने रखे विचार
जोधपुर प्रांत प्रचार प्रमुख पंकज कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की संगठित शक्ति ही राष्ट्र को सशक्त बना सकती है और इसके लिए संस्कार, सेवा एवं संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने 24 वर्षों के प्रचारक अनुभव साझा करते हुए युवाओं को समाजसेवा से जुड़ने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक श्रृंखला प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसे त्रिलोक सिंह खीची एवं साथियों ने प्रस्तुत किया। एमडी कॉलेज की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
वन्देमातरम गीत बहिन सुशीला द्वारा गाया गया, वहीं राजस्थानी सांस्कृतिक धमाल गायन ब्रह्मादत्त शर्मा, मोहन सिंह भाटी एवं कालासार बास गायन मंडल द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
सम्मान समारोह और मंच संचालन
कार्यक्रम के दौरान सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें संतों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। बौद्धिक विचार सत्र में पंकज कुमार जी द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। मंच संचालन श्रीमान दलीप भारद्वाज द्वारा किया गया।
आयोजन समिति ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
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