हनुमानगढ़, 8 दिसम्बर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत रबी 2025-26 सीजन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिले के किसान अब अपनी बोई गई फसलों का बीमा 31 दिसम्बर 2025 तक करवा सकेंगे। वहीं ऋणी किसानों के लिए योजना से बाहर होने की अंतिम तिथि 24 दिसम्बर 2025, तथा पहले से बीमित फसल में परिवर्तन की अंतिम तिथि 29 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है। जिला प्रशासन ने किसानों से समय पर नामांकन करवाने की अपील की है।
जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि इस रबी सीजन के लिए कुल 8 फसलें अधिसूचित की गई हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सरसों, तारामीरा, गेहूं, चना और जौ शामिल हैं, जबकि मौसम आधारित फसल बीमा योजना (WBCIS) में फूलगोभी, मटर और आलू को शामिल किया गया है। सभी फसलों के लिए प्रीमियम राशि एवं बीमित राशि प्रति हेक्टेयर निर्धारित कर दी गई है।
प्रीमियम राशि (प्रति हेक्टेयर)
- सरसों: ₹1373.79
- तारामीरा: ₹375.42
- गेहूं: ₹1388.63
- चना: ₹609.63
- जौ: ₹935.61
- फूलगोभी: ₹4275
- मटर: ₹4275
- आलू: ₹7260
बीमित राशि (प्रति हेक्टेयर)
- सरसों: ₹91,583
- तारामीरा: ₹25,028
- गेहूं: ₹92,575
- चना: ₹40,642
- जौ: ₹62,374
- फूलगोभी/मटर: ₹85,500
- आलू: ₹1,45,200
कृषि (विस्तार) संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि ऋणी किसानों को अपने संबंधित बैंकों में आवेदन करना होगा, जबकि गैर ऋणी किसानों को आधार कार्ड, फार्मर आईडी, जमाबंदी की नकल, बैंक पासबुक की प्रति सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने कहा कि आधार और बैंक खाते का लिंक होना अनिवार्य है, ताकि बीमा राशि में किसी प्रकार की समस्या न आए।
नामांकन व्यावसायिक बैंकों, PACS, RRB, CSC सेंटरों और डाकघर के माध्यम से करवाया जा सकता है। फसल कटाई से पूर्व बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, तूफान, कीटों के प्रकोप तथा कटाई के 14 दिन बाद तक असामयिक बारिश एवं चक्रवात जैसी आपदाओं से हुए नुकसान पर किसान दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। किसी भी नुकसान की स्थिति में 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देना अनिवार्य है।
किसान विस्तृत जानकारी के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, व्हाट्सएप चैट नंबर 7065514447, हेल्पलाइन 14447, तथा Crop Insurance App का उपयोग कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने पुनः आग्रह किया है कि सभी किसान 31 दिसम्बर 2025 से पहले अपना बीमा अवश्य करवाएं, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें वित्तीय सुरक्षा मिल सके।
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