नई दिल्ली, 5 नवंबर 2025 | हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य की वोटर लिस्ट में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि एक ही महिला की तस्वीर 22 अलग-अलग नामों से मतदाता सूची में दर्ज की गई है — और वह तस्वीर किसी भारतीय नागरिक की नहीं, बल्कि एक ब्राजीलियन मॉडल की है।
“एक फोटो, 22 वोटर पहचानें”
राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में “H-Files” नाम से एक नया खुलासा किया। उन्होंने कहा —
“हरियाणा की वोटर लिस्ट में एक ही महिला की तस्वीर 22 बार दोहराई गई है। कभी वह सीमा है, कभी स्वीटी, कभी सरस्वती। यह महज़ ग़लती नहीं, बल्कि एक संगठित वोट चोरी का षड्यंत्र है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में करीब 25 लाख फर्जी वोट जोड़े गए हैं, जो राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 12% हैं। राहुल ने कहा कि यह “बूथ-लेवल गड़बड़ी” नहीं बल्कि एक “सेंट्रलाइज़्ड ऑपरेशन” है।
LinkedIn पर भी मिला वही चेहरा
मामले की तह तक पहुंचने पर खुलासा हुआ कि जिस तस्वीर की बात राहुल गांधी कर रहे हैं, वही तस्वीर LinkedIn पर भी कई फेक प्रोफाइल्स में इस्तेमाल की गई है।
इन प्रोफाइल्स में उस महिला को कहीं “सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर”, कहीं “क्लाउड इंजीनियर”, तो कहीं “ऑफिस मैनेजर” बताया गया है।
भारत टुडे की जांच के अनुसार, यह तस्वीर ब्राजील के फोटोग्राफर Matheus Ferrero की है, जिसे 2017 में Unsplash पर एक स्टॉक फोटो के रूप में अपलोड किया गया था।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों पर फिलहाल कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत या प्रमाण जमा नहीं किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग मामले की प्रारंभिक जांच करने पर विचार कर रहा है।
BJP और कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया
- कांग्रेस का कहना है कि यह “भारत के लोकतंत्र पर हमला” है और आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
- वहीं भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को “राजनीतिक ड्रामा” बताया है। पार्टी ने कहा कि राहुल के दावे “बिना सबूत” के हैं और जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
सोशल मीडिया पर ‘#HFiles’ ट्रेंड
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंगलवार को #HFiles, #VoteChori, और #BrazilianModel जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
कई यूज़र्स ने दावा किया कि उन्हें अपने क्षेत्र की वोटर लिस्ट में भी संदिग्ध प्रविष्टियाँ मिली हैं, जबकि कुछ ने राहुल गांधी पर “स्टॉक फोटो” का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप लगाया।
आगे क्या?
अब नजरें इस बात पर हैं कि क्या चुनाव आयोग या साइबर सेल इस पूरे मामले की फोरेंसिक जांच करेगी — और क्या यह तस्वीरें वास्तव में वोटर लिस्ट में दर्ज हैं या सिर्फ सोशल मीडिया पर फैले दावों का हिस्सा हैं।
📰 स्रोत:
India Today | Economic Times | Indian Express
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