हनुमानगढ़ । राजस्थान सरकार द्वारा किसानों की क्षमता वृद्धि और कृषि में आधुनिक तकनीकों के प्रसार के लिए “नॉलेज एन्हांसमेंट प्रोग्राम” के तहत विशेष प्रशिक्षण योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत जिले के 5 हजार युवा कृषकों को देश के विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण एवं भ्रमण के लिए भेजा जाएगा।
हनुमानगढ़ जिले को इस योजना के तहत दो अंतरराज्यीय कृषक प्रशिक्षण और एक अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण कार्यक्रम का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। प्रत्येक दल में 40 युवा कृषकों (आयु 18 से 50 वर्ष) का चयन किया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि अधिकतम सात दिन (यात्रा सहित) होगी।
परियोजना निदेशक एवं कृषि उप निदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र डूडी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्नत कृषि तकनीक, डेयरी व पशुपालन, मत्स्य पालन, हाईटेक उद्यानिकी (ग्रीन हाउस/फ्लोरिकल्चर), खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, जल उपयोग दक्षता, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन तकनीक और कपास जिंनिंग प्रक्रिया जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
प्रगतिशील कृषक जो कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन या कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय हैं, आवेदन के पात्र होंगे। राज्य या जिला स्तर पर पुरस्कृत कृषकों एवं महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, पिछले तीन वर्षों में विभागीय योजनाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कृषकों को इस बार शामिल नहीं किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया
कृषक ई-मित्र केंद्र, राजकिसान साथी पोर्टल, या राज किसान सुविधा मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने जनआधार नंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यदि ऐप मॉड्यूल सक्रिय नहीं है, तो उप निदेशक कृषि एवं परियोजना निदेशक आत्मा, हनुमानगढ़ के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा।
आवेदन में कृषक का नाम, आयु, शिक्षा, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, जनआधार नंबर, पूर्ण पता और कृषि गतिविधियों का विवरण दर्ज करना आवश्यक होगा।
सभी आवेदनों की जांच कृषि संयुक्त निदेशक (वि.) की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी, और पात्र कृषकों का चयन उसी आधार पर होगा।
महत्वपूर्ण तिथि:
कृषक 15 नवंबर, 2025 तक अपने आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं।
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