पल्लू. आज अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले पल्लू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का घेराव किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा के संयोजक कॉमरेड केशव पंचारिया ने किया। क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने अस्पताल के सामने एकत्र होकर चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर आवाज़ बुलंद की।
मुख्य मांग थी—CHC पल्लू में रिक्त चिकित्सकों व चिकित्सा स्टाफ के पदों को शीघ्र भरना। यह संघर्ष पिछले कई सप्ताहों से जारी है। 8 मई से शुरू हुए इस जनआंदोलन ने 22 मई को नया मोड़ लिया था, जब किसानों ने अस्पताल के सामने धरना देकर प्रशासन का ध्यान खींचा। उस दिन रावतसर से BCMO और हनुमानगढ़ से एडिशनल CMHO मौके पर पहुंचे थे। दो दौर की वार्ता हुई, जिसमें आंशिक सहमति बनी, लेकिन उच्च अधिकारियों के इंकार के कारण ठोस निर्णय नहीं हो सका।
इसका परिणाम रहा कि 5 जून को CHC तालाबंदी और घेराव की घोषणा कर दी गई थी, जो आज सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।
CMHO नवनीत शर्मा पहुंचे, वार्ता में बनी सहमति
आज हुए घेराव के दौरान हनुमानगढ़ से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवनीत शर्मा स्वयं पहुंचे और किसान सभा प्रतिनिधि मंडल के साथ विस्तृत वार्ता की। वार्ता सकारात्मक रही और जिला कलेक्टर के निर्देश पर पल्लू CHC में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने को लेकर अर्धशासकीय पत्र उच्च अधिकारियों को भेजा गया।
इन मांगों पर सहमति बनी:
- एक चिकित्सा अधिकारी की तैनाती
- एक्स-रे मशीन और ईसीजी मशीन की व्यवस्था
- एक दंत चिकित्सक की नियुक्ति एवं डेंटल मशीन की सुविधा
प्रतिनिधिमंडल ने सभी मांगों को लिखित रूप में देने की मांग की, जिसे CMHO डॉ. शर्मा ने सहर्ष स्वीकार करते हुए किसानों को लिखित आश्वासन प्रदान किया। इसके बाद किसान सभा ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरने में किसानों की बड़ी भागीदारी
धरने में पल्लू तहसील और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। प्रमुख नामों में शामिल हैं।
ओमप्रकाश राईका, मानाराम बिस्सु, प्रेम कुमार राईका, मांगीलाल बिस्सु, पूर्णाराम सोलड़ा, देवीलाल मेघवाल, महावीर सोलड़ा, गोपीराम कूकना, कृष्ण भारी, चेतराम कूकना, भगवाना राम सहारण, राजपाल खोड, रामस्वरूप सिहाग, भादर राम स्वामी, महावीर स्वामी, रायसिंह कस्वा, भजन नाथ, पवन शर्मा, कृष्ण देहडु, पुरखाराम बेरड़, फूसदास स्वामी, मनीराम गोस्वामी, देवराज पारीक, अजीत कुमार, इंदरपाल बिस्सु, रोहिताश बिस्सु, बृज लाल पारीक, दुलाराम पुजारी, मालाराम मोरवाल, केशराराम पूनिया, भानीराम ठोलिया, रायसिंह आलसिका (किसान सभा प्रभारी), युवा नेता कानू सिंह भाटी, नरेंद्र वर्मा, अंकित ढाका सहित अनेक किसान आंदोलन में डटे रहे।
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