पल्लू (13 मई)। पल्लू तहसील कार्यालय पर सोमवार को किसानों ने नकली डीएपी खाद की आपूर्ति को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य गौरीशंकर थोरी के नेतृत्व में किसानों ने उपखंड अधिकारी के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। दो दिन पहले रावतसर में नकली डीएपी पकड़े जाने के बाद पल्लू क्षेत्र में भी हजारों कट्टों की आवक की आशंका जताई गई है, जिससे किसानों में गहरी चिंता है।
किसानों के साथ हो रहा ठगी
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नकली खाद बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। गौरीशंकर थोरी ने कहा कि चाहे ट्यूबवेल हो या नहरी खेत, किसान सबसे पहले डीएपी खाद डालकर फसल की बुवाई करता है। ऐसे में यदि डीएपी नकली होगी, तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान सालभर कड़ी मेहनत करता है — गर्मी, सर्दी और धूप में दिन-रात खेतों में लगा रहता है, लेकिन ये खाद माफिया उसकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
थोरी ने प्रशासन से मांग की कि पल्लू क्षेत्र के सभी बीज और खाद विक्रेताओं की तत्काल जांच की जाए, और नकली डीएपी बेचने वालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही हो। उन्होंने किसानों से अपील की कि खाद खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य लें। अगर कोई दुकानदार कच्चा बिल देकर बाद में पक्का देने की बात करे, तो समझ लें कि गड़बड़ है। पक्का बिल लेने से नकली डीएपी से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा, “हम पिछले 13-14 वर्षों से बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के किसानों की हर लड़ाई लड़ते आए हैं। जब तक नकली खाद माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा।”
ज्ञापन देने वालों में समाजसेवी अनिरुद्ध जोशी, राकेश सियाग, मंगलाराम बिजारणियां, हीरालाल, रंजीत भोपा, विकास बिजारणियां, सुभाष स्वामी, रतनलाल वर्मा, जयप्रकाश बिजारणियां, रामेश्वरलाल, संजय कुमार सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
Rajasthan Sutra सच्चाई, सरोकार और संवाद