हनुमानगढ़ । जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा योजना के तहत बुधवार को पांच दिवसीय अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण दल को रवाना किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर से जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने हरी झंडी दिखाकर 100 किसानों को रवाना किया।
कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भ्रमण नवाचार, वैज्ञानिक खेती और व्यावहारिक ज्ञान का सशक्त माध्यम बनेगा। इससे जिले की कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।
कृषि (आत्मा) उपनिदेशक डॉ. सुभाष चंद्र डूडी ने बताया कि कैफेटेरिया गतिविधि बी-4 (राज्य के भीतर) के अंतर्गत गठित दो दलों में 100 प्रगतिशील युवा किसानों का चयन किया गया है। यह भ्रमण 21 से 25 जनवरी तक लूणकरणसर, बीकानेर, जोधपुर और सूरतगढ़ में आयोजित होगा।
भ्रमण के दौरान किसान राजस्थान ओलिव कल्टीवेशन लिमिटेड, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, केंद्रीय ऊंट अनुसंधान संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर, केंद्रीय शुष्क वानिकी संस्थान तथा कृषि विज्ञान केंद्र मंडोर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेषज्ञों से संवाद करेंगे।
किसानों को उन्नत बीज किस्में, सूक्ष्म सिंचाई व जल प्रबंधन, मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक एवं कीटनाशी उपयोग, जैविक व समेकित खेती, संरक्षित खेती, उद्यानिकी, व्यावसायिक पशुपालन, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन और फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रत्यक्ष प्रशिक्षण मिलेगा। कलेक्टर ने किसानों से आह्वान किया कि वे भ्रमण से प्राप्त ज्ञान को अपने खेतों में लागू करें और अन्य किसानों को भी प्रेरित करें।
भ्रमण दल में प्रथम समूह (हनुमानगढ़/संगरिया/टिब्बी) के प्रभारी श्री परविन्द्र सिंह व सहप्रभारी श्री संदीप हैं, जबकि द्वितीय समूह (नोहर/रावतसर/भादरा) के प्रभारी श्री रामेश्वरलाल सहारण और सहप्रभारी श्री नरेश कुमार नियुक्त किए गए हैं। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार, बलकरण सिंह, डॉ. संजीव भादू, रामप्रताप गोदारा, करणजीत सिंह सहित कृषि विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।
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