हनुमानगढ़। राजस्थान की ज़मीनी आवाज़ को मंच देने वाले Rajasthan Sutra ने अपने नए पॉडकास्ट “सूत्रधार” की औपचारिक शुरुआत रविवार से कर दी है। पहले ही एपिसोड में समाज, सेवा, राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय मामराज कूकणा को पहले अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। पॉडकास्ट को होस्ट राजस्थान सूत्र के सहयोगी एडिटर रामनिवास पुरी ने किया।
पॉडकास्ट के उद्घाटन एपिसोड में मामराज कूकणा ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे शिक्षा, समाजसेवा और जनहित की राजनीति एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति यदि सेवा भाव से की जाए तो समाज में वास्तविक बदलाव संभव है, और शिक्षा किसी भी क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव होती है।
एपिसोड में किसानों के मुद्दों, बीमा क्लेम से जुड़ी समस्याओं, सहकारिता की भूमिका और युवाओं के नेतृत्व पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कूकणा ने अपने शिक्षक जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही अच्छे नागरिक तैयार करती है, जबकि समाजसेवा से जुड़कर व्यक्ति ज़मीन से जुड़े रहना सीखता है।
सूत्रधार पॉडकास्ट का उद्देश्य केवल बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अनुभवों और विचारों को सामने लाना है जो आमजन के लिए प्रेरणा बन सकें। यह पॉडकास्ट राजनीति, शिक्षा, समाज, किसान, युवा और संस्कृति, हर वर्ग से जुड़े लोगों की आवाज़ बनने का प्रयास करेगा।
Rajasthan Sutra के प्रधान संपादक विनोद गोस्वामी के अनुसार आने वाले एपिसोड्स में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि श्रोताओं को सीख, संवाद और समाधान तीनों एक ही मंच पर मिल सकें। संपादकीय प्रभारी विजय बुडानियां ने इस पहल को क्षेत्र के लिए अनुकरणीय बताया है।
राजस्थान सूत्र पॉडकास्ट स्टूडियो का शुभारंभ 4 दिसम्बर 2025 को रावतसर पंचायत समिति के प्रधान प्रतिनिधि धर्मपाल सिहाग ने किया था। पल्लू क्षेत्र को समर्पित यह एक मात्र स्टूडियो है जहां हर उस व्यक्तित्व को स्थान मिलेगा जिसका वो हकदार है। राजस्थान सूत्र सदैव कंटेट और क्वालिटी पर कार्य करता है जो दर्शकों का अनुभव दोगुना करता है। साथ ही भरोसेमंद पत्रकारिता के लिए के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रधार पॉडकास्ट को Facebook, Instagram और YouTube पर @rajasthansutra हैंडल के माध्यम से सुना और देखा जा सकता है।
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